Summary of Daffodils by William Wordsworth in Hindi

इस कविता को वर्ष 1802 में लिखा गया था। यह पहली बार 1807 में दो खंडों में प्रकाशित हुई थी। कविता की सुरवाती पंक्तियों में कवि खुद को अकेला रह जाने की गहरी भावनाओं को सूचित करता है। यह वास्तव में उनके भाई जॉन की मृत्यु थी, जिसने उन्हें “अकेलापन” महसूस करवाया। हमें पाठकों को याद दिलाना चाहिए कि यह कविता कल्पना का नतीजा नहीं है। डोरोथी, वर्डस्वर्थवर्थ की बहन हमें उस अवसर का स्पष्टीकरण प्रदान करती है जिसने वर्डस्वर्थवर्थ को इस उत्कृष्ट कृति का निर्माण करने के लिए प्रेरित किया: –
“जब हम गोवर्बार पार्क के बाहर जंगल में थे, तो हमने पानी के नजदीक कुछ डैफोडाइल देखा।” इस प्रकार कविता कल्पना की बजाय वास्तविक दृश्य का परिणाम है “।

About the Poet William Wordsworth in Hindi :

वर्डस्वर्थ एक प्रकृति कवि के रूप में सर्वोच्च है। वर्ष 1770 में कॉकर्मौथ में पैदा हुए, उन्होंने प्रकृति के बीच अपना बचपन बिताया। उन्हें सेंट जॉन्स कॉलेज, कैम्ब्रिज, 1787 में भेजा गया। फ़्रांस से लौटने के बाद, वह अपनी बहन और कोलेरिज के साथ रहे। सन १७९३ में वर्ड्सवर्थ द्वारा लिखी गई कविता संग्रह ‘एन इव्निन्गं वकॅ’ और ‘डिस्क्रिप्टिव स्केचस’ पहली बार प्रकाशित हुई। वर्ड्सवर्थ के सबसे प्रसिद्ध कविताओं में से एक, “टिन्टॆन् एब्यय “, और कौलेरिज की “राइम आफॅ एन्शियंट मेरिनर प्रकाशित हुई। वर्ड्सवर्थ को १८३८ में, डरहम विश्वविद्यालय से सिविल लॉ कि डिग्री प्राप्त हुइ और अग्ले साल ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से भि वही सम्मान प्राप्त हुइ।

Setting of the Poem:

Wordsworth मानवजाति के बिच में परेशानी में हो सकते हैं परन्तु प्रकृति के बिच में कभी नहीं। पुरे कविता में प्रकृति वयाप्त है। कवि कहते हैं: मैं अकेले बादलो की तरह घूम रहा हु जो की पहाड़ियों और Wales के ऊपर तैरता है। इस कविता में कवि ने डैफ़ोडिल्स  नमक फूल के बारे में लिखा है। और उन्होंने कुछ ऐसे सब्दो का प्रयोग किया है जिससे डैफोडील्स ने उल्लास में चमकदार तरंगों को पार कर दिया और इस कविता के पाठकों के दिमाग में एक अनमोल निशान छोड़ा है।


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Summary of Daffodils by William Wordsworth in Hindi

एक बार कवि एक झील के बगल में भटक रहा था, वह अकेले ऐसे भटक रहा था मनो जैसे कोई अकेला बादल घाटियों और पहाड़ियों पर से अकेले गुजर रहा हो। अचानक वह झील के किनारे बड़ी संख्या में इकट्ठे हुए डैफोडिल्स को देखता है। वे डैफोडिल्स एक पेड़ के निचे छाए में आश्रय लिए हुए थे। सोने के रंग जैसा दिखने वाला डैफोडिल्स बहती हुई हवा में  नृत्य कर रहा था। डैफोडिल्स  झील में इतनी ज्यादा संख्या में फैले हुए थे की कवि उनका सांख्य का अनुमान नहीं लगा पा रहा था। डैफोडील्स एक सामान्य रूप से उगने वाले फूल है परन्तु यहाँ कवि ने उन्हें सोने की तरह बताया है जो उनके विचारो को वयक्त करती है।

कवि के अनुसार वे अनगिनत चमकते हुए  सितारों के समान दिखते हैं जो कि आकाशगंगा में रात के आसमान में हम देख सकते हैं। जैसे ही कवि उनपर अपनी नजर ले जाता है उन्हें एक साथ असंख्य डैफोडिल्स खुसी से सर हिलाकर नृत्य करते हुए नजर आते है। नदी के लहरों के साथ नाचते हुए डैफोडिल्स बहुत ही मोहक लग रहे थे परन्तु यह नृत्य डैफोडिल्स की सुंदरता के सामने कुछ नहीं थे और इसी कारन वश कवि इसकी सुंदरता से मंत्रमुग्ध हो जाते है।

उन्हें एहसास हुआ कि एक कवि जो प्राकृतिक अनुग्रह के प्रति अतिसंवेदनशील है, वह इस तरह के समलैंगिकों और सुंदर फूलों की उपस्थिति में बहुत ही खुश महसूस कर रहे थे। और वह डैफोडिल्स को देख रहे थे इस बात से अज्ञात की यह कितना अनमोल खजाना है।

और यह दृश्य उनके मस्तिष्क में हमेशा के लिए कैद हो जाती है और भविष्य जब कवि कभी अकेले उदासीन अपने बेड में लेटा रहता है और अपनी आँखों को बंद करता है तो उन्हें यह मन मोह लेना वाला दृश्य फिर से दिखाई देने लगता है। एकांत में, जब उसका मन वास्तविक दुनिया के परेशान तत्वों से अनियंत्रित हो जाता है, तो वह डैफोडील्स की यादों को पुनर्जीवित करता है जब उस दृष्टि की यादें कवि के दर्शन में आती हैं, तो वह उन्मादपूर्ण आनंद प्राप्त करने में सक्षम हो जाता है।

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